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रुखाळीयो

रुखाळीयो नमस्कार दोस्तों! ये मेरी रचना  Rukhaliyo ( रुखाळीयो )  समाज, परिवार  में मुखिया की भूमिका को दर्शाती है। हम सभी जानते है की समाज बहुत तेजी से बदल रहा है। इसके साथ-साथ बदल रहे है सामाजिक व्यवहार। हम हमारी पुराणी संस्कृति को भूल रहे है और जिस नवीन संस्…

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Exam Paper Out ओ पेपर आउट कोनी होयो है साहब नमस्कार दोस्तों! ये मेरी रचना Exam Paper Out ( ओ पेपर आउट कोनी होयो है साहब ) आज के समय में लगातार युवाओं के साथ हो रहे खिलवाड़ पर है। एक गरीब परिवार का युवा न जाने किस हाल में घर छोड़कर शहर आकर महंगी-महंगी कोचिं…

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Distribution of Festivals त्योहारा रो बटवारों  नमस्कार दोस्तों! ये मेरी रचना Distribution of Festivals (त्योहारा रो बटवारों) आज के समाज में बढ़ते पांखड के ऊपर एक शानदार व्यंग्य है।  इसके माध्यम से हमने समाज की बढती बुराईयों की और आप सबका ध्यान खींचने की क…

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Changes in the Society बदळाव री घड़ी  नमस्कार दोस्तों मेरी यह रचना Changes in the Society, ( बदळाव री घड़ी) समाज में आये भिन्न-भिन्न प्रकार के बदलाव को दिखाती है। इस रचना में मैंने समाज में आई विशंगतियों को आपके सामने लाने का प्रयास किया है।  आइये कविता का आ…

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Anguish of a Teacher मुझे शिक्षक ही रहने दो  नमस्कार दोस्तों मेरी यह रचना Anguish of a Teacher, मैं एक शिक्षक हूँ मुझे शिक्षक ही रहने दो आज के समय के निजी क्षेत्र के शिक्षक की पीड़ा को दर्शाती है।  समाज में वास्तविक शिक्षा की समझ शायद लुप्त हो गयी है।  आइये …

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Mat Kar Madira Pan मतकर मदिरापान जय राजस्थान! जय राजस्थानी ! म्हारी आ रचना Mat Kar Madira Pan ( मतकर मदिरापान) आपणे  समाज माथै फैल रैयी इण बुराई नै दूर करबा रो महारों इण कविता रै माध्यम सूं इक प्रयास है सा। आ बीमारी आज आपणे देश री जड़ा नै दीमक री जिंया खा री…

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Ghani Nimadi Kuchmadi Aulad घणी निमदी कुचमादी औलाद नमस्कार आ मेरी रचना Ghani Nimadi Kuchmadi Aulad ( घणी निमदी कुचमादी औलाद)  आज रै टैम रा टाबरिया री हालात नूं दरसावण री एक म्हारी कोशिश है सा। महै सोचा की या पीढ़ी म्हारे सागै इस्यो बर्ताव करें। अब इण रचना …

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